अंगना में बालाजी घलवादे पलना

अंगना में बालाजी घलवादे पलना,
अंगना मे बालाजी घलवादे पलना,
कृपा ऐसी करदे म्हारः झुलः ललणा,
अंगना में बालाजी घलवादे पलना।।

मैं बांझ लुगाई सुँ तेरे दर प आई सुँ,
चिंता ने खाई तेरी अर्जी लयाई,
सुँ दुनिया बोली मार मन्नै पड़ रहया झलणा,
अंगना में बालाजी घलवादे पलना।।

जलवा अपणा दिखला,
मेरा भी वंश चला,
मेरे मन का चमन खिला,
इंसाफ मन्नै भी दिला,
मैं भी चाहुँ गोदी में ले क लाल चलणा,
अंगना में बालाजी घलवादे पलना।।

या दुनिया हुई दीवानी,
तेरी जोत नुराणी,
तुमसा ना कोई दानी,
बरसा रहमत का पानी,
जो तु लिखदे बाबा वो तो कैसे टलना,
अंगना में बालाजी घलवादे पलणा।।

तेरा जगराता करवाऊँ,
सोने की गदा घड़ाऊँ,
तेरी लाल धज्जा फेराऊँ,
और सवामणी भी लाऊँ,
कहता मिंडू बाणी बलाए बलणा,
अंगना में बालाजी घलवादे पलना,
कृपा ऐसी करदे म्हारः झुलः ललणा,
अंगना में बालाजी घलवादे पलना।।

Leave a Reply