अगर दिल किसी का दुखाया ना होता

पहले तो सोचा नही तू करता रहा बाद काम
ये भी तूने जाना नही तेरा क्या होगा अंजाम।।

अब दुख विपदा को देख कर क्यो होता हैरान
ये तो बंदे है तेरे बाद करमो का परिणाम।।

अगर दिल किसी का दुखाया ना होता,
अगर दिल किसी का दुखाया ना होता,
तो सदमों का तीर दिल पे ये खाया ना होता,
अगर दिल किसी का दुखाया ना होता।।

तेरी जिंदगी में ना होता अँधेरा,
जो दिया दूसरों का बुझाया ना होता,
अगर दील किसी का दुखाया ना होता।।

ना होता ज़माने में कभी घर से बेघर,
जो घर दूसरों का जलाया ना होता,
अगर दील किसी का दुखाया ना होता।।

अगर तू हसता दुसरो के दुःख पर,
तो हरी ने तुझे यूँ रुलाया ना होता,
अगर दील किसी का दुखाया ना होता।।

अगर प्यार तू प्रेम करता सभी से,
तो जग में रे कोई पराया ना होता,
अगर दील किसी का दुखाया ना होता।।

अगर दिल किसी का दुखाया ना होता,
अगर दील किसी का दुखाया ना होता,
सदमों का तीर दिल पे ये खाया ना होता,
अगर दिल किसी का दुखाया ना होता।।

Pahle To Socha Nahi Tu karta Raha Bad Kaam
Ye Bhi Tune Jana Nahi Tera Kya Hoga Anzaam

Ab Dukh Vipda Ko Dekh Kar Kyo Hota Hairaan
Ye To Bande Hai Tere Bad Karmo Ka Parinaam

Agar Dil Kisi Ka Dukhaya Na Hota
To Sadmo Ka Teer Dil Pe Yu Khaya Na Hota
Agar Dil Kisi Ka Dukhaya Na Hota

Teri Zindagi Mein Naa Hota Andhera
Diya Dusro Ka Jo Bujhaya Naa Hota
Agar Dil Kisi Ka Dukhaya Na Hota

Na Hota Jamane Mein Kabhi Ghar Se Beghar
Jo Ghar Dusro Ka Jalaya Na Hota
Agar Dil Kisi Ka Dukhaya Na Hota

Agar Tu Naa Hasta Dusro Ke Dukh Par
To Hari Ne Tujhe Yu Rulaya Na Hota
Agar Dil Kisi Ka Dukhaya Na Hota

Agar Pyar Tu Prem Karta Sabhi Se
To Jamane Mein Koi Paraya Naa Hota
Agar Dil Kisi Ka Dukhaya Na Hota

To Sadmo Ka Teer Dil Pe Ye Khaya Na Hota
Agar Dil Kisi Ka Dukhaya Na Hota

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