अब मान जाओ मेरे बांके बिहारी

बैठो पास मेरे न आज कही तुम जाओ,
अपनी मुरली की धुन बजा के मुझको सुनाओ
करती है रिकवेस्ट तुम से राधा तुम्हारी
अब मान जाओ मेरे बांके बिहारी

मीठी मीठी बातो में मैं अब ना आउंगी,
छोड़ के एक पल तुझको कही ना जाउंगी
मेरे संग अब बिताना पड़े गा तुमको समय ये सारी,
अरे मान जाओ मेरे बांके बिहारी

मैया से छुपा के मिलने तुम से आई हु
बात ये न सखियों से बताई हु
ऐसे न तंग करो तुम समजो मेरी लाचारी
मान जाओ मेरे बांके बिहारी

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