आजा दातिए आजा तुझे भगत बुलाये आजा

आजा दातिए आजा तुझे भगत बुलाये आजा
तेरी महिमा गाये आजा ,
आजा दतिये आजा तुझे भगत बुलाये आजा
तेरी महिमा गाये आजा।।

साल बाद जगराता आया भगतो ने तेरा भवन सजाया,
फूलो का इक हार बनाया माँ अब तो फेरा पा जा
आजा दतिये आजा तुझे भगत बुलाये आजा
तेरी महिमा गाये आजा।।

जग मग करती देख ले लड़ियाँ हीरे मोती की तरहा जडिया,
नैन बिछा राहो में खडिया जन्मो की प्यास बुजा जा
आजा दतिये आजा तुझे भगत बुलाये आजा
तेरी महिमा गाये आजा।।

सज कर बैठे बचे सारे फूलो से भी लगे है प्यारे.,
बड़े तो मिनता कर कर हारे नैनो मे ज्योत जगा जा
आजा दतिये आजा तुझे भगत बुलाये आजा
तेरी महिमा गाये आजा।।

चेतन तो तेरे रंग में रंगेया दुरगा ने तेरा दर्शन मंगेया
पल पल जाता समय भी लंगेया मेरी नैया पार लगा जा
आजा दतिये आजा तुझे भगत बुलाये आजा
तेरी महिमा गाये आजा।।

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