एक बारी आओ प्रभु दरश दिखाओ प्रभु

कौनसा मंत्र जपु मैं भगवन
तुम धरती पर आओ
दुविधा भारी आन पड़ी है
आके इसे उठाओ ।।

एक बारी आओ प्रभु
दरश दिखाओ प्रभु
एक बारी आओ प्रभु ।।

कही तो बेबस बिलख रहे है
कही तो बेबस भटक रहे है
कही तो साँसों की गिनती में
लाखो अटक रहे है।।

बंद है तेरे सब दरवाजे
कैसे तुझे कैसे मनाये
कितनो को कंधे ना मिल रहे
क्या क्या तुझे बताये।।

एक बारी आओ प्रभु
दरश दिखाओ प्रभु
एक बारी आओ प्रभु ।।

मंदिर मज्सिद गुरुद्वारा
गिरजाघर होकर आये
तेरे बिन अब कौन सहारा
कुछ भी समझ ना आये।।

हर चौखट पे माथा टेका
कही तो तू मिल जाए
कौन सा मंत्र जपु
तुम धरती पर आओ
दुविधा भारी आन पड़ी है
आके इसे उठाओ ।।

कौनसा मंत्र जपु मैं भगवन
तुम धरती पर आओ
दुविधा भारी आन पड़ी है
आके इसे उठाओ ।।

एक बारी आओ प्रभु
आके दरश दिखाओ प्रभु।।

सिंगर – स्वाति मेहुल जी

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