ओ मेरा घुंघरू बोले हरे हरे गोविन्द हरे गोपाल हरे

दिल विच तेरा नाम लिखा है
नैना विच सूरत तेरी आमिल प्रीतम
आमिल प्रीतम साजन मेरे क्यों करता है देरी
आमिल प्रीतम साजन मेरे क्यों करता है देरी।।

ओ मेरा घुंघरू बोले हरे हरे
गोविन्द हरे गोपाल हरे
गोविन्द हरे गोपाल हरे
जय जय प्रभु दीं दयाल हारे हरे
ओ मेरा घुंघरू बोले हरे हरे।।

ओ मेरा घुंघरू बोले हरे हरे
गोविन्द हरे गोपाल हरे
गोविन्द हरे गोपाल हरे
जय जय प्रभु दीं दयाल हारे हरे
ओ मेरा घुंघरू बोले हरे हरे।।

ये घुँघरू मेरे सतगुरु दित्ते
मैं करले कित्ते बड़े बड़े
ये घुँघरू मेरे सतगुरु दित्ते
मैं करले कित्ते बड़े बड़े ।।

ओ मेरा घुंघरू बोले हरे हरे
गोविन्द हरे गोपाल हरे
गोविन्द हरे गोपाल हरे
जय जय प्रभु दीं दयाल हारे हरे
ओ मेरा घुंघरू बोले हरे हरे।।

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