कन्हैया ओ कन्हैया

कन्हैया ओ कन्हैया छलिया ओ छलिया
कैसा तू छलिया तेरी ही धुन में फिरू
गलिया मैं गलिया ।।

ना मैं तेरी राधा ना मैं तेरी मीरा
फिर तेरी बंसी कहे देती पीड़ा।।

छिपके बैठा कहा ओ हरजाई
अब तक तूने मेरी सुध नही पाई
मथुरा में ढूढ़ु या वृंदावन जौ
बोलो कन्हैया तुझको कैसे मैं पाऔ।।

मान का तो थोर है तू है तन का है तू कला
बड़ी बड़ी आँखो से तूने जादू डाला।।

कन्हैया ओ कन्हैया छलिया ओ छलिया
कैसा तू छलिया तेरी ही धुन में फिरू
गलिया मैं गलिया।।

नैनो में बस जा मेरे अब डोर ना जा
साँवरिया अब तो दरश दिखा जा
दिल में बसके बाँध करलू आँखे
जापू नाम तेरा जबतक चलेंगी ये साँसे।।

होके दीवानी तेरे दर पे खुश्बू नाचे
रस रचाए तुझ संग करे ता ता तैइया।।

कन्हैया ओ कन्हैया छलिया ओ छलिया
कैसा तू छलिया तेरी ही धुन में फिरू
गलिया मैं गलिया ।।

Kanhaiya O kanhaiya Chhaliya O Chhaliya
Kaisa Tu Chhaliya
Teri Hi Dhun Mein Firu
Galiya Main Galiya

Na Main Teri Radha
Na Main Teri Meera
Fir Teri Bansi Kahe Deti Peeda

Chhipke Baitha Kaha O Harjayi
Ab Tak Tune Meri Sudh Nahi Paayi
Mathura Mein Dhoodhu Ya Vrindavan Jau
Bolo Kanhaiya Tujhko Kaise Main Paau

Man Ka To Thor Hai Tu Hai
Tan Ka Hai Tu Kala
Badi Badi Aankho Se Tune Jaadu Dala

Chaliya O Chaliya
Kanhaiya O Kanhaiya
Kaisa Tu Chhaliya
Teri Hi Dhun Mein Firu
Galiya Main Galiya

Naino Mein Bas Ja Mere
Ab Door Na Ja
O Sanwariya Ab To Darash Dikha Ja
Dil Mein Basake
Bandh Karlu Aankhe
Japu Naam Tera Jabtak
Chalengi Ye Saanse

Hoke Deewani Tere
Dar Pe Khushboo Nache
Ras Rachaye Tujh Sang
Kare Ta Ta Thaiya

Kanhaiya O Kanhaiya
Kaisa Tu Chhaliya
Teri Hi Dhun Mein Firu
Galiya Main Galiya

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