कन्हैया कन्हैया तू रहता किधर है

कन्हैया कन्हैया तू रहता किधर है,
कहाँ गोप ग्वाले वो राधा किधर है,
कन्हैया कन्हैया तु रहता किधर है।।

वो चलना मचलना वो माखन चुराना,
तेरा खूब आँखों से जादू चलाना,
जो सबको नचाती थी वो बंसी किधर है,
कन्हैया कन्हैया तु रहता किधर है।।

कहाँ नन्द बाबा वो दाऊ कहाँ है,
मिला दे वो मैया यशोदा कहाँ है,
जहाँ रास खेले थे वो मधुबन किधर है,
कन्हैया कन्हैया तु रहता किधर है।।

सखा वो सुदामा वो अर्जुन कन्हैया,
चला आ तू सामने मैं ले लूँ बलैयां,
ना तड़पा रे “लहरी” आजा आजा किधर है,
कन्हैया कन्हैया तु रहता किधर है।।

कन्हैया कन्हैया तू रहता किधर है,
कहाँ गोप ग्वाले वो राधा किधर है,
कन्हैया कन्हैया तु रहता किधर है।।

Kanhaiya Kanhaiya Tu Rehta Kidhar Hai
Kahan Gop Gwale Vo Radha Kidhar Hai
Kanhaiya Kanhaiya

Vo Chalna Machalana Vo Makhan Churana
Tera Khub Ankhon Se Jadu Chalana
Jo Sabako Nachati Thi Vo Bansi Kidhar Hai
Kanhaiya Kanhaiya

Kahan Nand Baba Vo Dau Kahan Hai
Mila De Vo Maiya Yashoda Kahan Hai
Jahan Ras Khele Tha Vo Madhuban Kidhar Hai
Kanhaiya Kanhaiya

Sakha Vo Sudama Vo Arjun Kanhaiya
Chala A Tu Samane Main Le Lun Balaiyan
Na Tadapa Re Lehari Aja Aja Kidhar Hai
Kanhaiya Kanhaiya

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