कन्हैया पकड़ो ना मोरी कलईया

कन्हैया पकड़ो ना मोरी कलईया
कन्हैया पकड़ो ना मोरी कलईया
पकड़ो ना पकड़ो ना मोरी कलईया कन्हैया
बंसी बजैया रास रचैया
पकड़ो ना मोरी कलईया कन्हैया।।

टूट गयी चूड़ियां उडी रे चुनरिया
कोई देखेगा तो होगी जग हंसिया
क्या बोलूंगी जब पूछेगी मैया
पकड़ो ना मोरी कलईया कन्हैया।।

सुध बिसराई जो बजाई रे मुअरलिया
छोड़ी सखी सब भूली डगरिया
प्रेम दीवानी बन के बावरिया
पकड़ो ना मोरी कलईया कन्हैया।।

बंसी बजैया रास रचैया
पकड़ो न मोरी कलैया कन्हैया

कन्हैया पकड़ो ना मोरी कलईया
कन्हैया पकड़ो ना मोरी कलईया
पकड़ो ना पकड़ो ना मोरी कलईया कन्हैया
बंसी बजैया रास रचैया
पकड़ो ना मोरी कलईया कन्हैया।।

सिंगर – डिम्पल भूमि जी।

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