कर्मो के लेखो से कब तक तुम खुद को बचा ना पाओगे

कर्मो के लेखो से कब तक तुम खुद को बचा ना पाओगे
एक न एक दिन तो कर्मो लेखो को सामने पाओगे
कर्मो के लेखो से कब तक तुम खुद को बचा ना पाओगे।।

फूलो की तमन्ना रखते हो काटो का गुलिश्तां मिलता है
काटो का गुलिश्तां मिलता है संग कर्मो का लेखा चलता है
जो बोया है वही काटोगे जो बोया है वही काटोगे
कब तक ये बात ना मानोगे।।

कर्मो के लेखो से कब तक तुम खुद को बचा यूं पाओगे।।
एक न एक दिन तो कर्मो लेखो को सामने पाओगे
कर्मो के लेखो से कब तक तुम खुद को बचा ना पाओगे।।

तुम लाख करो कोशिश मगर सच सामने आकर रहता है
सब राज यहाँ खुल जाता है
कभी झूठ नहीं सच बन सकता कभी झूठ नहीं सच बन सकता
तुम खुद बा खुद झुक जाओगे
कर्मो के लेखो से कब तक तुम खुद को बचा यूं पाओगे।।

कर्मो के लेखो से कब तक तुम खुद को बचा यूं पाओगे।।
एक न एक दिन तो कर्मो लेखो को सामने पाओगे
कर्मो के लेखो से कब तक तुम खुद को बचा ना पाओगे।।

Leave a Reply