कान्हा ओ कान्हा मैं तेरी हो गई

कान्हा ओ कान्हा मैं तेरी हो गई,
प्रेम के रंग में डूब गई हूँ,
मैं खुद को ही भूल गई हूँ ओ मेरे सरकार,
महिमा तेरी सुनके आई मैं तेरे द्वार,
ओ कान्हा आई मैं तेरे द्वार,
कान्हा ओ कान्हा मैं तेरी हो गई।।

तनहा तनहा था ये दिल,
खोया खोया था ये दिल,
कान्हा जी तुझे ढूंढने में,
भटक गई थी मैं मंजिल,
मेरे मनमोहना ओ मेरे कृष्णा,
मैंने भी ये तय किया है,
खाली ना जाउंगी दर से,
कान्हा, ओ कान्हा मैं तेरी हो गई
महिमा तेरी सुनके आई मैं तेरे द्वार,
ओ कान्हाँ आई मैं तेरे द्वार,
कान्हा ओ कान्हा मैं तेरी हो गई।।

गोकुल मथुरा वृन्दावन,
धाम हैं तेरे ये पावन,
राधा संग बरसाने में,
मुरली बजाए मन भावन,
नन्द बाबा के लाल मेरे मदन गोपाल,
ग्वाल बाल संग गोप गोपियाँ,
नाच रही हैं ब्रिज की सखियाँ,
ओ मेरे कृष्णा कान्हा, ओ कान्हा,मैं तेरी हो गई
महिमा तेरी सुनके आई मैं तेरे द्वार,
ओ कान्हा आई मैं तेरे द्वार,
कान्हा ओ कान्हा मैं तेरी हो गई।।

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