कान्हा तेरी गलियों में मेरा निकले दम

कान्हा तेरी गलियों में मेरा निकले दम
तेरे बिना ऐ कन्हैया बता जाएँ कहाँ हम
तेरे बिना मुरली वाले बता जाएँ कहाँ हम

तेरे बिना मुरली वाले मुझको कौन सँवारे
नैया अटकी है भवर में प्यारे तुम्हारे हवाले
डुबो दो या बचा लो ये है आपका करम
कान्हा तेरी गलियों में……………

छोड़ आया मैं ज़माना मुझे चरणों से लगाना
बेसहारों के सहारे मुझे दे दो ठिकाना
वृन्दावन में ही मुझको बसा लो सनम
श्याम तेरी गलियों में ……………..
कान्हा तेरी गलियों में……………..

तेरे बिरहा की अग्नि जलाये मुझे
प्यारे यादें तुम्हारी बहुत रुलाये मुझे
पागल पे करो ना इतने सितम
पारस पे करो ना इतने सितम
श्याम तेरी गलियों में ……………..
कान्हा तेरी गलियों में……………..

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