कृष्णा मुरारी शरण तिहारी

कृष्णा मुरारी शरण तिहारी,
पार करो नैया हमारी,
जनम अनेक भये जग माहि,
कबहुँ न भक्ति करि थारी,
कृष्णा मुरारी शरण तिहारी।।

लाख चौरासी भरमत भरमत,
हार गयी हिम्मत सारी,
अब उद्धार करो भव भंजन,
दीनन के तुम हितकारी।।

कृष्णा मुरारी शरण तिहारी,
पार करो नैया हमारी,
जनम अनेक भये जग माहि,
कबहुँ न भक्ति करि थारी,
कृष्णा मुरारी शरण तिहारी।।

मैं मति मंद कछु नहीं जानत,
पाप किये अति भारी,
जो मेरा अपराध गिनो तो,
नाथ मिले पारा वारी।।

कृष्णा मुरारी शरण तिहारी,
पार करो नैया हमारी,
जनम अनेक भये जग माहि,
कबहुँ न भक्ति करि थारी,
कृष्णा मुरारी शरण तिहारी।।

तारे भगत अनेक आपने,
शेष शारदा तक तक हारी,
बिना बक्ति तारो तो तारो,
अबकी बेर आयी म्हारी ।।

कृष्णा मुरारी शरण तिहारी,
पार करो नैया हमारी,
जनम अनेक भये जग माहि,
कबहुँ न भक्ति करि थारी,
कृष्णा मुरारी शरण तिहारी।।

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