गणपत गोरी लाल तेरी हो रही जय जय कार

गणपत गोरी लाल तेरी हो रही जय जय कार
शिव गोरा के लाल तेरी हो रही जय जय कार
गणपत गोरी लाल तेरी हो रही जय जय कार।।

हर कोई तेरा मंगल गाऔन्दा मुहो मंगेया फल ओह पाऊंदा,
तेरे दर ते आये सवाली सब ना नु चरना नाल लाउंदा,
सब दी सुनी पुकार तेरी हॉवे जय जय कार
गणपत गोरी लाल तेरी हो रही जय जय कार।।

सब तो उची तेरी हस्ती तीन लोक विच तेरी शक्ति
रोज चड़े जो कदे न उतरे नाम तेरे दी ऐसी मस्ती
सब जपदे वारो वार तेरी हो रही जय जय कार
गणपत गोरी लाल तेरी हो रही जय जय कार।।

मन विच वसदी तेरी तस्वीर बदल देयो मेरी तकदीर
कष्ट कलेश मिताउंदे सारे आलम पूरी कहे जसवीर,
दे चरना दा प्यार तेरी हॉवे जय जय कार
गणपत गोरी लाल तेरी हो रही जय जय कार।।

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