गुम सुम क्यों बैठी हो

गुम सुम क्यों बैठी हो
राधा हम से क्यों रूठी हो ,
ओ राधा द्वार खोल दे
हम से हस बोल दे,
ओ राधा जरा बोल दे,
ओ राधा द्वार खोल दे
हम से हस बोल दे।।

हीरे की नथनी सोने की पायलियाँ
लेके मैं आया लाल चुनरियाँ ,
चुनरी में झील मिल लाख सितारे
जरा देख ले कितने है प्यारे,
राधा राधा कब से पुकारे
कब से खड़े है द्वार तुम्हारे,
ओ राधा द्वार खोल दे
हम से हस बोल दे।।

अपने इस दीवाने को राधा
यु न तुम तरसाया करो,
आया तेरा प्रेम पुजारी
प्रेम सुधा बरसाया करो,
जन्म जन्म की प्यास ले
आया तेरे मिलन की आस में आया,
ओ राधा द्वार खोल दे
हम से हस बोल दे।।

Maan Jao Barsane Ki Chhori
Aane Mein Ho Gayi Hai Thodi See Deri
Jid Na Karo Yu Na Jalao
Shyam Salone Ka Jee Na Jalao

Gumsum Gumsum Kyon Bethi Ho
Radha Ham Se Kyo Ruthi Ho

O Radha Dwar Khol De
Ham Se Hans Bol De
O Radha Jara Bol De
O Radha Dwar Khol De
Ham Se Hans Bol De

Heere Ki Nathani Sone Ki Payaliyan
Leke Main Aaya Lal Chunariyan

Chunari Mein Jhil Mil Lakh Sitare
Jara Dekh Le Kitne Hai Pyare

Radha Radha Kab Se Pukare
Kab Se Khade Hai Dwar Tumhare

O Radha Dwar Khol De
Ham Se Hans Bol De

Apne Is Deevane Ko Radha
Yu Na Tum Tarsaya Karo

Aaya Tera Prem Pujari
Prem Sudha Barasaya Karo

Janam Janam Ki Pyas Le
Aaya Tere Milan Ki Aas Mein Aaya
O Radha Dvar Khol De Ham Se Has Bol De

Leave a Reply