गज़ानन कर दो बेड़ा पार

पहले गणपति को पूजिए,
फिर पाछे करियो काज l
बीच सभा में बैठियो,
मेरी पत्त रखियो माहराज ll

गज़ानन, कर दो बेड़ा पार,
आज हम, तुम्हें मनाते हैं ll
*आज हम, तुम्हें मनाते हैं xll
गज़ानन, कर दो बेड़ा पार,
आज हम, तुम्हें मनाते हैं l

हो सबसे पहले, तुम्हें मनाएँ l
अपने बीच में, तुम्हें बुलाएँ ll
*हो गणपति, आन पधारो,
हम तो, तुम्हें बुलाते हैं,,,
गज़ानन, कर दो,,,,,,,,,,,,,,,

हो आओ, पार्वती के लाला l
मूषक वाहन, सूंड सुन्डाला l
*हो जपें तुम्हारे, नाम की माला,
ध्यान लगाते हैं,,,
गज़ानन, कर दो,,,,,,,,,,,,,,,

उमा पति, शँकर के प्यारे l
तुम भक्तों के, काज़ सँवारे ll
*हो बड़े बड़े, पापी हैं तारे,
जो शरण में आते हैं,,,
गज़ानन, कर दो,,,,,,,,,,,,,,,

लड्डू पेड़े का, भोग लगावें l
पान सुपारी, और पुष्प चढावें ll
*हो हाथ जोड़ कर, करें वंदना,
शीश झुकाते हैं,,,
गज़ानन, कर दो,,,,,,,,,,,,,,,

सब भक्तों ने, टेर लगाई l
सबने मिलकर, महिमा गाई ll
*हो रिद्धि सिद्धि को, संग ले आओ,
भोग लगाते हैं,,,
गज़ानन, कर दो,,,,,,,,,,,,,,,

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