चोर भी जो ना चुराए भक्ति ऐसी चीज है

चोर भी जो ना चुराए भक्ति ऐसी चीज है
ना जनम फिर हो दुबारा मुक्ति ऐसी चीज है ।।

तप किया रावण मिला बल पर नहीं वो रख सका
तप किया रावण मिला बल पर नहीं वो रख सका
मन को सब ना बाँध पाए शक्ति ऐसी चीज है
ना जनम फिर हो दुबारा मुक्ति ऐसी चीज है ।।

चोर भी जो ना चुराए भक्ति ऐसी चीज है
ना जनम फिर हो दुबारा मुक्ति ऐसी चीज है ।।

प्रभु को जीवन सौपकर प्रहलाद ने दिखला दिया
भक्तो को न दुःख सताए भक्ति ऐसी चीज है
ना जनम फिर हो दुबारा मुक्ति ऐसी चीज है ।।

चोर भी जो ना चुराए भक्ति ऐसी चीज है
ना जनम फिर हो दुबारा मुक्ति ऐसी चीज है ।।

मन उलझ जाए जगत में फिर ना दीखता है
संकीरता मन में भरे आशक्ति ऐसी चीज है
ना जनम फिर हो दुबारा मुक्ति ऐसी चीज है ।।

चोर भी जो ना चुराए भक्ति ऐसी चीज है
ना जनम फिर हो दुबारा मुक्ति ऐसी चीज है ।।

भक्ति का मतलब यही है राम माये तन मन हुआ
फनी प्रभु कण कण में दिखे विरक्ति ऐसी चीज है
ना जनम फिर हो दुबारा मुक्ति ऐसी चीज है ।।

चोर भी जो ना चुराए भक्ति ऐसी चीज है
ना जनम फिर हो दुबारा मुक्ति ऐसी चीज है ।।

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