जब तक तुम्हारी कृपा नहीं होगी रामजी हमको कैसे मिलेंगे

जब तक तुम्हारी कृपा नहीं होगी
रामजी हमको कैसे मिलेंगे।।

तुम सिया रामजी के प्यारे हो
मैया अंजनी के जाए हो।।

अपनी कृपा की कोर करो
अपनी कृपा की कोर करो
हम द्वार पड़े बजरंग बलि।।

जब तक तुम्हारी कृपा नहीं होगी
रामजी हमको कैसे मिलेंगे।।

तुम करुणा कारी बजरंग बलि
तुम दीनत रखवाले बजरंग बलि
अपनी करुणा की कोर करो
हम द्वार पड़े बजरंगबली।।

जब तक तुम्हारी कृपा नहीं होगी
रामजी हमको कैसे मिलेंगे।।

तुम भक्तो के रखवारे हो
हम जैसो के आप सहारे हो
अपनी करुणा की कोर करो
हम द्वार पड़े बजरंग बलि।।

जब तक तुम्हारी कृपा नहीं होगी
रामजी हमको कैसे मिलेंगे।।

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