जय जय विट्ठल श्री हरी विट्ठल पांडुरंगा गोविंदा

श्री कृष्णगोविन्द हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा
तुहि है माता तुहि पिता रे
डाटा भी तू है तुहि सखा रे
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।

जय जय विट्ठल श्री हरी विट्ठल पांडुरंगा गोविंदा
जय जय विट्ठल श्री हरी विट्ठल पांडुरंगा गोविंदा
जय जय विट्ठल श्री हरी विट्ठल पांडुरंगा गोविंदा
जय जय विट्ठल श्री हरी विट्ठल पांडुरंगा गोविंदा।।

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।

जय जय विट्ठल श्री हरी विट्ठल पांडुरंगा गोविंदा
जय जय विट्ठल श्री हरी विट्ठल पांडुरंगा गोविंदा।।

हरी ही हरे सब कष्ट हमारे
हरी कृपा काज सँवारे

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा।।

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