जरा चलके विन्ध्याचल में देखो

जरा चलके विन्ध्याचल में देखो
माता किरपा लुटाती मिलेगी

गंगा तट पर बैठी मेरी मैया
सारे भगतो की पार करे नैया
भूले भटके भगतो को महारानी
याहा रस्ता दिखाती मिलेगी
जरा चलके विन्ध्याचल में देखो

उचे पर्वत अस्त बुजी महारानी
काली खो में काली कल्याणी
अपने भगतो को अपने बेटो को
प्यार देके उनकी याहा
बिगड़ी बनाती मिलेगी
जरा चलके विन्ध्याचल में देखो

जय हो जय हो माँ विध्याचल भवानी
रखना हर दम शरण में महारानी
अपने बेटे देवेंदर को भी मैया
अपने गले से लगती मिलेगी
जरा चलके विन्ध्याचल में देखो

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