जो मेहंदीपुर में बैठा वो अंजनी का लाला से

लाल लंगोटा हाथ में सोटा रूप निराला से,
लाल लंगोटा हाथ में सोटा रूप निराला से,
जो मेहंदीपुर में बैठा वो अंजनी का लाला से,
जो मेहंदीपुर में बैठा वो अंजनी का लाला से,
जो सालासर में बैठा वो अंजनी का लाला से।।

वो सबके दुःख ने बाते और करदे वारे न्यारे,
दीन दयालु बाबा मेरे हारे के सहारे,
जो मेहंदीपुर के धाम गया से वो किश्मत वाला से,
जो मेहंदीपुर में बैठा वो अंजनी का लाला से।।

केसरी नंदन दुःख भये भंजन मेरे दुखने दूर करो,
खाली पड़ी से बाबा मेरी झोली खुसिया से भरो,
आधी रात में दर जान गवाना से,
जो मेहंदीपुर में बैठा वो अंजनी का लाला से।।

इस उत्तम छोकर बालाजी किश्मत माड़ी से,
लाड़ली बेटी प्रियंका भजन सुना रही से,
जो दिल से तेरे भजन लिखे से पलवल वाला से,
जो मेहंदीपुर में बैठा वो अंजनी का लाला से,
जो सालासर में बैठा वो अंजनी का लाला से।।

लाल लंगोटा हाथ में सोटा रूप निराला से,
जो मेहंदीपुर में बैठा वो अंजनी का लाला से ।।

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