तुम्हे कैसे मनाऊं बालाजी आजाओ तुम कीर्तन में

तुम्हे कैसे मनाऊं बालाजी
आजाओ तुम कीर्तन में
आ जाओ तुम कीर्तन में।।

जब सीता का हरण हुआ था
जब सीता का हरण हुआ था
तुमने पता लगाया पल भर में
आ जाओ तुम कीर्तन में।।

तुम्हे कैसे मनाऊं बालाजी
आजाओ तुम कीर्तन में
आ जाओ तुम कीर्तन में।।

जब लक्ष्मण को बाण लगा था
जब लक्ष्मण को बाण लगा था
तुमने पहाड़ उठाया पल भर में
आजाओ तुम कीर्तन में ।।

तुम्हे कैसे मनाऊं बालाजी
आजाओ तुम कीर्तन में
आ जाओ तुम कीर्तन में।।

जब रावण संग हुए लड़ाई
जब रवां संग हुए लड़ाई
तुमने रावण मरवाया पल भर में
आजाओ तुम कीर्तन में।।

तुम्हे कैसे मनाऊं बालाजी
आजाओ तुम कीर्तन में

Leave a Reply