तू जो लुक छुप के कान्हा बांसुरी बजाता है

तू जो लुक छुप के कान्हा बांसुरी बजाता है
बस इसी बात पे राधा का दिल चुराता है
बस इसी बात पे राधा का दिल चुराता है

तू जो बरसाने की गली में रोज जाता है
बस इसी बात पे राधा का दिल चुराता है

तेरी मनसा है क्या वो जानती राधा रानी
क्योकि वो भी है मोहना की प्रेम दीवानी

तू जो बन थान के तिरछी नयन को घूमता है
बस इसी बात पे राधा का दिल चुराता है

दोनों के मन का मिलान बड़ा ही अनोखा है
दोनों के युगल रूप में कोई न देखा है

तू जो हर वक़्त नया सा रंग दिखता है
बस इसी बात पे राधा का दिल चुराता है

तेरी लीला तो एक सँवारे तुहि जाने
तेरे हर शब्द में है राधिका सभी माने
ये जो अविनाश तेरे प्रेम के गुण जाता है
ये जो अविनाश तेरे प्रेम के गुण जाता है

बस तेरी याद में वक़्त गुजर जाता है
बस इसी बात पे राधा का दिल चुराता है

तू जो लुक छुप के कान्हा बांसुरी बजाता है
बस इसी बात पे राधा का दिल चुराता है

Leave a Reply