तेरा रंग दऊ लाल गुलाल मेरे राधा लठियां मत मारे

तेरा रंग दऊ लाल गुलाल
मेरे राधा लठियां मत मारे,
मेरे गोरे गोरे गाल हाय गाल,
तू इनपे नजरियाँ मत मारे,
मेरे राधा लठियां मत मारे
तू इनपे नजरिया मत डारे।।

तेरा हाल बना देवे ठंडा,
तेरे संग में दस दस मुश तंडा,
होरी में मची धमाल,
मेरे राधा लठियां मत मारे।।

मेरी राधा छेलछबीली है,
कान्हा तेरी नजर नोकीली है,
तेरा हाल करू री बेहाल,
मेरे राधा लठियां मत मारे।।

मेरे संग सखियों की टोली है,
मत समझे राधा भोली है ,
कुछ करले रे कोई ख्याल,
मेरे राधा लठियां मत मारे।।

तू ग्वालो के संग मत अटके,
तू सब मनाओगे लुट पिटके
रंग बरसा वैरी भरमा पाल,
मेरे राधा लठिया मत मारे।।

तेरा रंग दऊ लाल गुलाल
मेरे राधा लठियां मत मारे ।।

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