तेरे कोमल कोमल चरणों में माँ मस्तक नवाता रहूं मेरी अम्बे

तेरे कोमल कोमल चरणों में माँ मस्तक नवाता रहूं
मेरी अम्बे
ह्रदय से लगता राहु जगदम्बे तेरा गुण जो मैं गता रहूं
मेरी अम्बे

दर पे तुम्हारे आता हूँ श्रीफल भेंट चढ़ाता हूँ
सुन जगदम्बे कर ना विलम्बे टेर सुनो दुःख पाटा हूँ
तेरे चरण कमल में जग जानिनी नव पुष्पक चढ़ाता रहूं
मेरी अम्बे

सिंह वाहिनी अम्बे हो विश्व मोहिनी अम्बे हो
चाँद सा मुखड़ा आज दिखा दो माँ जग की प्रतिपाला हो
सब दोष माफ़ कर दो मेरा तेरी सेवा निभाता रहूं
मेरी अम्बे

धरती का भार हटाती हो कष्ट भगत का ढाती हो
जब सुर नर मुनि टेर लगाते माँ तुम दौड़ी आती हो
मुझको ऐसा वर दो मैया तेरे भजन सुनाता रहूं
मेरी अम्बे


तेरे कोमल कोमल चरणों में माँ मस्तक नवाता रहूं
मेरी अम्बे
ह्रदय से लगता राहु जगदम्बे तेरा गुण जो मैं गता रहूं
मेरी अम्बे

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