दर पे मनाऊंगा जन्मदिन

दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा,
दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा
ज्योत जगा के महारानी का दर्शन पाऊंगा,
ज्योत जगा के महारानी का दर्शन पाऊंगा
दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा।।

शेरोंवाली मैयारानी सबके काज सवारे
सब भगतो को मैया रानी भव से पार उतारे
अपने दिल का सारा हाल माँ को बताऊंगा
दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा।।

माँ के नाम की ज्योत मैं भगतो सच्चे मन से जगाउँगा
लाल रंग की चुनरी मैयारानी को ओढ़ाउंगा
लाल रंग का चूड़ा मैं तो मैया को पहनाऊँगा
दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा।।

खुशियां का ये दिन है आया माँ को भेंटे सुनाऊंगा
अपना जन्मदिन शेरोंवाली माँ के नाम लिखवाऊंगा
हलवा पुरी और चने का माँ को भोग लगाऊंगा
दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा।।

ऐसी भक्ति दे दो मैया मुझको शाम सवेरे
खुशियों से दामन को भर दो मिट जाए घोर अंधेरे
चढ़ जाए तेरे नाम की मस्ती तेरे ही गुण गाऊंगा
दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा
ज्योत जगा के महारानी का दर्शन पाऊंगा
ज्योत जगा के महारानी का दर्शन पाऊंगा
दर पे मनाऊंगा जन्मदिन दर पे मनाऊंगा।।

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