दिव्य मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

108 जाप ( 108 times sumiran )

Meaning :

जो देवी सब प्राणियों में शक्ति रूप में स्थित हैं,
उनको नमस्कार, नमस्कार, बारंबार नमस्कार है।

मंत्र संग्रहदिव्य मंत्र – सुभाष और कोरस

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