दुल्हनिया मोहे मँगा दे री

कितनी सुहानी आई घड़ी है,
मेरे सखा की लगन चढ़ी है,
मैं भी करूँगा ब्याह मैया,
मैं भी करूँगा ब्याह मैया बात बना दे री,
दुल्हनिया मोहे मँगा दे री,
ओ मैया मेरो ब्याह करा दे री।।

अभी तो तू है छोटो सो लाला,
नन्हों सो है मेरो गोपाला,
थोड़ा सा तू बड़ा हो जाए तो बात बना दूँगी,
दुल्हन तोय मँगा दूंगी,
दुल्हन तोय मँगा दूंगी,
लल्लो तेरो ब्याह करा दूँगी,
कन्हैया तेरो ब्याह करा दूँगी।।

बड़ी बड़ी गोओ चरा के लाऊँ,
काम बड़े निपटाय के लाऊँ,
ग्वाल बाल जो कर नहीं पाएं,
वो उलझो सुलझाय के लाऊँ,
फिर कैसे में छोटो हूँ माँ इतनो बताय दे री,
दुल्हनिया मोहे मँगा दे री,
ओ मैया मेरो ब्याह करा दे री।

उस दिन तो तूने कहा था लाला,
माखन नहीं चुराया है,
जी तू नन्हों तेरे हाथ है नन्हे,
ग्वालो ने मुख लपटाय है जी,
बड़ो भयो फिर कैसे बता दें लगुन चढ़ाय दूँगी,
दुल्हन तोहे मँगा दूंगी,
लल्ला तेरो ब्याह करा दूँगी,
कन्हैया तेरो ब्याह करा दूँगी।।

कुपति हुए इंद्र देव जब,
अति मेघ बरसाया था जी,
नगरी डूब रही थी हमने,
गोवर्धन को उठाया था जी,
शंका है बेकार ओ मैया,
मन समझाय ले री,
दुल्हनिया मोहे मँगा दे री,
ओ मैया मेरो ब्याह करा दे री।।

तूने लाला अकेले कैसे,
गोवर्धन को उठाया था जी,
सारे संग सखा ने मिलकर,
अपने बल को लगाया था जी,
बारो सो मेरो लाल लगुनिया कैसे चढ़ाय दूँगी,
दुल्हन कैसे मँगा दूंगी,
कैसे तेरो ब्याह करा दूँगी।।

गेंद गिरी थी जब जमुना में,
सुन मैया जी बात हमारी,
नाग कालिया को फन कुचलो,
दंड दियो हमने अति भारी,
कोई बालक कैसे करेगा,
ऐसे बता दे री,
दुल्हनिया मोहे मँगा दे री,
ओ मैया मेरो ब्याह करा दे री।।

नाग कालिया को अकेले ही,
तुमने लाला नहीं मारा था,
ब्रिज वासी तेरे संग थे सारे,
तब कहीं जाकर वो हारा था,
जा दिन ब्याह के योग्य तू होगा,
दुल्हन तोहे मँगा दूंगी,
लल्ला तेरो ब्याह करा दूँगी,
कन्हैया तेरो ब्याह करा दूँगी।।

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