देवी चंद्रघंटा – Devi Chandraghanta Mantra-Avinash Karn

पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता।।
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