नगरी हो गोकुल सी यदुकुल सा घराना हो

नगरी हो गोकुल सी यदुकुल सा घराना हो
और चरण हो श्यामा के जहा मेरा ठिकाना हो
और चरण हो कान्हा के जहाँ मेरा ठिकाना हो

श्रद्धा हो सुदामा सी मीरा सी भक्ति हो
और धन्ना भगत जैसी निष्ठां और भक्ति हो

मेरी जीवन नैया हो घनश्याम खिवैया हो
और श्याम कृपा की सदा मेरे सर पे छैया हो

नगरी हो गोकुल सी यदुकुल सा घराना हो
और चरण हो श्यामा के जहा मेरा ठिकाना हो
और चरण हो कान्हा के जहाँ मेरा ठिकाना हो

यमुना सा किनारा हो निर्मल जल धरा हो
और दरश मुझे भगवन हर घडी तुम्हारा हो

वासुदेव सा त्यागी हो देवकी से महतारी हो
और कान्हा के जैसी संतान हमारी हो

यशोदा सी मैया हो बलराम सा भैया हो
और स्वामी तुम्हारे जैसा ही रस रचैया हो

नगरी हो गोकुल सी यदुकुल सा घराना हो
और चरण हो श्यामा के जहा मेरा ठिकाना हो
और चरण हो कान्हा के जहाँ मेरा ठिकाना हो

Leave a Reply