नन्द लाला तेरा मन काला

नन्द लाला तेरा मन काला जरा मटकी मेरी छोड़ दे
वरना मैं ला दूंगी 100 नंबर।।

रोज रोज मस्ती में छेड़े पाके मोहे अकेली
तेरे डर से सेहमी सेहमी रेहती मेरी सहेली
वनवारी सुनो गिरधारी अरे हट जा रस्ता छोड़ दे
वरना मैं ला दूंगी 100 नंबर।।

आये गी जब पुलिस ओ छलिया करेगी खूब पिटाई
वृंदावन की गली गली में होगी तेरी हसाई
मन वसिया मेरे नन्द रसिया अब हट जा रस्ता छोड़ दे
वरना मैं ला दूंगी 100 नंबर।।

छोड़ कभी न मत ले पंगा पड़ गया मेरे पीछे
जाके अपनी मुरली बजा दू बैठ कदम के निचे
तू छलिया कान्हा तू छलिया देयो बहिया मेरी मरोड़ जो
वरना मैं ला दूंगी 100 नंबर।।

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