नवग्रह मंत्र

ऊँ ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु।

108 जाप

नवग्रह मंत्र – अविनाश कर्ण

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