प्यारा सजाया तेरा द्वार माँ आजा रे आजा इक बार माँ

प्यारा सजाया तेरा द्वार माँ,
आजा रे आजा इक बार माँ।।

मंदिर में बाजे घंटा चौरासी,
जग मग जली है ज्योती चंदा सी,
दर्शन को दिल बेकरार माँ,
होता ना अब इंतज़ार माँ,
प्यारा सजाया तेरा द्वार माँ,
आजा रे आजा इक बार माँ।।

पुजा की थाली लेके हाथो में,
दर्शन को आई मैं नवरात्रो में,
फूलों का लाई तुमको हार माँ,
कलियाँ लगाई गुच्छेदार माँ,
प्यारा सजाया तेरा द्वार माँ,
आजा रे आजा इक बार माँ।।

लाई मैं घोटे वाली चुनरियां,
लेके संग आजा मेरे लांगुरिया,
मेरी भी सुनले तू पुकार माँ,
आई हूँ मैं तो पहली बार माँ,
प्यारा सजाया तेरा द्वार माँ,
आजा रे आजा इक बार माँ।।

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