प्रभुजी हमे दिल से लगाएँगे कभी तो हम होंगे इस काबिल

प्रभुजी हमे दिल से लगाएँगे
कभी तो हम होंगे इस काबिल।।

प्रभु जी हमे दिल से लगाएँगे
कभी तो हम होंगे इस काबिल।।

हा अपनो को अपनाएँगे
कभी तो हम होंगे इस काबिल।।

कभी तो इस टन के तंबूरे में
कभी तो इस माटी के छुरे में

प्रभुजी घर अपना बनाएँगे
कभी तो हम होंगे इस काबिल

प्रभु जी हमे दिल से लगाएँगे
कभी तो हम होंगे इस काबिल

माला का हर मनका पुकरेगा
माला का हर मनका पुकरेगा
रोम रोम हर तन का पुकरेगा

नयन हरी दर्शन पाएँगे
कभी तो हम होंगे इस काबिल

प्रभु जी हमे दिल से लगाएँगे
कभी तो हम होंगे इस काबिल।।

Prabhuji Hame Dil Se Lagayenge
Kabhi To Hum Honge Iss Kabil

Prabhu Ji Hame Dil Se Lagayenge
Kabhi To Hum Honge Iss Kabil

Haa Apno Ko Apnayenge
Kabhi To Hum Honge Iss Kabil

Kabhi To Iss Tan Ke Tambure Mein
Kabhi To Iss Maati Ke Chure Mein

Prabhuji Ghar Apna Banayenge
Kabhi To Hum Honge Iss Kabil

Prabhu Ji Hame Dil Se Lagayenge
Kabhi To Hum Honge Iss Kabil

Maala Ka Har Manka Pukarega
Maala Ka Har Manka Pukarega
Rom Rom Har Tan Ka Pukarega

Nayan Hari Darshan Payenge
Kabhi To Hum Honge Iss Kabil

Prabhu Ji Hame Dil Se Lagayenge
Kabhi To Hum Honge Iss Kabil

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