प्रभु के शरण में आकर तो देखो

प्रभु के शरण में आकर तो देखो
मिले एक का दस लगा कर तो देखो
प्रभु के शरण में आकर तो देखो।।

जहाँ सर सभी का झुकता है आकर
उसी दर पे सर को झुककर के देखो
मिले एक का दस लगा कर तो देखो
प्रभु के शरण में आकर तो देखो।।

दुखी दीन में प्रभु का दर्शन मिलेगा
उनको गले से लगा कर तो देखो
मिले एक का दस लगा कर तो देखो
प्रभु के शरण में आकर तो देखो।।

मन नहीं दौड़ेगा स्थिर होगा
हरी नाम का रस पीला कर तो देखो
मिले एक का दस लगा कर तो देखो
प्रभु के शरण में आकर तो देखो।।

खाएंगे प्रभु प्रेम से मांग कर भी
गोपी सा प्रीत तुम लगाकर तो देखो
मिले एक का दस लगा कर तो देखो
प्रभु के शरण में आकर तो देखो।।

अगर हो समर्पण प्रहलाद जैसा
यही पर मिलेंगे बुलाकर तो देखो
मिले एक का दस लगाकर तो देखो
मिले एक का दस लगा कर तो देखो
प्रभु के शरण में आकर तो देखो।।

हमसे भी एक दिन रहोगे तुम आगे
मेरे संग तुम गुनगुना कर तो देखो
मिले एक का दस लगा कर तो देखो
प्रभु के शरण में आकर तो देखो।।

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