प्रभु श्री राम की गौरव गाथा बालाजी गाये

प्रभु श्री राम की गौरव गाथा बालाजी गाये
जय श्री राम जय जय सिया राम दिल चीर के है दिखलाये।।

राम अमृत रास पान है करके फूले नहीं समाये
जय श्री राम जय जय सिया राम दिल चीर के है दिखलाये।।

प्रभु श्री राम के नाम से जीवन से तर जाए
आनंद रस हम रोम रोम में राम नाम से हम पाए
राम अमृत रास पान है करके फूले नहीं समाये
जय श्री राम जय जय सिया राम दिल चीर के है दिखलाये।।

मर्यादा पुरषोत्तम राम जी मर्यादा सिखलाये
सिया जी देखो वन में जाकर पति का साथ निभाए।।

सुख में साथ है देती दुनिया गम में छोड़ के जाए
जय श्री राम जय जय सिया राम दिल चीर के है दिखलाये।।

प्रभु श्री राम के जैसा बेटा बनकर दिखलाये
लखन भारत सा भाई बनकर प्रेम का पाठ पढ़ाये।।

धन दौलत लोभ माया छोड़ कर प्रभु शरण में जाए
बालाजी गुण गाये देखो बालाजी गुण गाये।।

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