बलिहारी बलिहारी मैं गुरु चरण कमल पे वारी मैं

बलिहारी बलिहारी मैं
गुरु चरण कमल पे वारी मैं

बलिहारी बलिहारी मैं
गुरु चरण कमल पे वारी मैं

नीर भरे दो नैना मेरे
चाहू डिश छाये घोर अंधेरे

सतगुरु अंजन भर भर मेरे
निर्मल नज़र उधारी मई

बलिहारी बलिहारी मैं
गुरु चरण कमल पे वारी मैं

गहरी नादिया वेग अपरा
डूबत जाए रही मझधारा
देकर अपनी बाह सहारा
सतगुरु पार उतरी मैं

बलिहारी बलिहारी मैं
गुरु चरण कमल पे वारी मैं

दुष्कर माया जाल फसाई
सतगुरु मेरी फंड छुड़ाई
ब्रह्मा नंद स्वरूप समाई
घट घट ज्योत निहारी मई

बलिहारी बलिहारी मैं
गुरु चरण कमल पे वारी मैं

Balihari Balihari Main
Guru Charan Kamal Pe Vari Mai

Balihari Balihari Main
Guru Charan Kamal Pe Vari Mai

Neer Bhare Do Naina Mere
Chahu Dish Chhaye Ghor Andhere

Satguru Anjan Bhar Bhar Mere
Nirmal Nazar Udhari Mai

Balihari Balihari Main
Guru Charan Kamal Pe Vari Mai

Gahari Nadiya Veg Apara
Doobat Jaye Rahi Majhdhara
Dekar Baah Apni Sahara
Satguru Paar Utari Mai

Balihari Balihari Main
Guru Charan Kamal Pe Vari Mai

Dusker Maya Jaal Fasayi
Satguru Meri Fand Chhudayi
Brahma Nand Swaroop Samayi
Ghat Ghat Jyot Nihari Mai

Balihari Balihari Main
Guru Charan Kamal Pe Vari Mai

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