बहुत सुंदर शिव भजन बहुत सुंदर ढोलक के साथ (विद लिरिक्स)


बहुत सुंदर शिव भजन बहुत सुंदर ढोलक के साथ (विद लिरिक्स)

लिरिक्स _ मुझे पीने का शौक नहीं पीता हूं गम भुलाने को बीती बातें भुलाने को पीता हूं गम भुलाने को निकले सागर से 14 रतन एक से एक थे बेमिसाल सबके हिस्से में आए रतन मेरे हिस्से में विष बेशुमार मैंने उसको ही पी डाला उस विष को पचाने को पीता हूं गम भुलाने को मान जाती सती कहना बिन बुलाए वो जाती ना होके अपमानित अपने पिता से वह खुद को जलाती ना क्यों उसने जला डाला अपने आशियाने को किया अपनी ही मां को भस्म मेरे दिल में है गम बेशुमार लोग कहते हैं नाथों का नाथ मैं ख़ुद ही रहा एक अनाथ अब कैसे दिखाऊं तुम्हें इस दिल के उन छालों को
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