बैगा बैगा आओ गजानंद

प्रथम गुरूजी को वंदन
दूजी आदि गणेश हो
तीजे सिमरु सारदे
मेरे कारज करो हमेश
मेरे कारज करो हमेश

जय माँ जय माँ शारदे
जय माँ जय माँ सरस्वती हो
जय माँ जय माँ भारती
जय माँ जय माँ कोटि दायनी
जय माँ जय माँ हंसवाहिनी

बैगा बैगा आओ गजानंद
ओ थारी खूब करा रे मनुहार
पधारों म्हारा गजानंद

पार्वती के पुत्र गजानंद
थेतो शिव के राज दुलार
पधारों म्हारा गजानंद

धी सिंदूर रो चोलो चढ़ावा
ओ थारे चांदी रो करा श्रगार
पधारों म्हारा गजानंद

लडुवान को थारे भोग लगावा
ओ थारे फूला रो पहनावा हार
पधारों म्हारा गजानंद

रणतभवर का प्यारा गजानंद
ओ थाकु पूजे जग संसार
पधारों म्हारा गजानंद

रिद्धि सिद्धि संग में लावो
शिव पार्वती संग आओ
पधारों म्हारा गजानंद

अ के जांगिड़ दास पुराणों
ओ थे तो जांगिड़ की करो पूरी आश
पधारों म्हारा गजानंद

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