बोल कौन सा भजन सुनाऊ बालाजी

उबो थारी हाजरी बजाऊं बालाजी,
बोल कौन सा भजन सुनाऊ बालाजी,
बोल कौनसी सेवा निभाउ बालाजी हो,
बोल तन्ने की कर रिझाऊ बालाजी,
उबो थारी हाजरी बजाऊं बालाजी,
बोल कौन सा भजन सुनाऊ बालाजी।।

भाव भजन म्हारी समझ ना आवे,
भाव में तो हिवड़ो भर भर आवे,
बोल कितना आंसुड़ा बहु बालाजी,
बोल तन्ने की कर रिझाऊ बालाजी,
उबो थारी हाजरी बजाऊं बालाजी,
बोल कौन सा भजन सुनाऊ बालाजी।।

हर्ष भरु या श्रृंगार मैं गाऊं,
किन विधि था वार्ना उतारू,
शब्द के श्रृंगार के सजाओ बालाजी,
बोल तन्ने की कर रिझाऊ बालाजी,
उबो थारी हाजरी बजाऊं बालाजी,
बोल कौन सा भजन सुनाऊ बालाजी।।

तन मन धन सब तेरो है हो,
कुछ भी नहीं प्रभु मेरो है,
चरना में भेट की चढ़ाउ बालाजी,
बोल तन्ने की कर रिझाऊ बालाजी,
उबो थारी हाजरी बजाऊं बालाजी,
बोल कौन सा भजन सुनाऊ बालाजी।।

मैं प्रभु सेवा थारी जानू,
जनम जनम उपकार यो मानु,
बजरंग बाला नाम बस गाऊं बलजी,
बोल तन्ने की कर रिझाऊ बालाजी,
उबो थारी हाजरी बजाऊं बालाजी,
बोल कौन सा भजन सुनाऊ बालाजी।।

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