भारत है पहचान मेरी और तिरंगा शान मेरी

भारत है पहचान मेरी और तिरंगा शान मेरी,
दुनिया में सबसे न्यारा मुझे देश जान से प्यारा है,
बस ये ही स्वर्ग द्वारा इसके लिए तो हरपल हाजिर जान मेरी,
भारत है पहचान मेरी और तिरंगा शान मेरी ।।

सबसे पहले देश की रक्षा हमको यही सिखाया है,
देश की खातिर पुरखो ने अपना खून बहाया है,
मेरा भारत वर्ष है आन बान शान मेरी,
भारत है पहचान मेरी और तिरंगा शान मेरी ।।

देश प्रेम ना जिस दिल में इंसान नहीं शैतान है वो,
कुर्बान जो देश पे हो जो होते इंसान रूप भगवान है वो,
रोम रोम में बसा हिन्दुस्तान मेरी,
भारत है पहचान मेरी और तिरंगा शान मेरी ।।

कवी सिंह का सपना है मैं काम देश के आ जाऊ,
जबतक तन में प्राण रहे मैं बस तेरा गुन गाऊ,
भारत माता इस दिल की मेहमान मेरी,
भारत है पहचान मेरी और तिरंगा शान मेरी ।।

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