मन्ने अब के बचा ले मेरी माय

मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊ आयो लेवण ने,
मैंने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊँ आयो लेवण ने।।

पाँच कोठड़ी दस दरवाजा,
इण मंदिरए माय,
लुकति छिपती में फिरुँ,
छोड़े तो बैरी मन्ने नाय,
बटाऊ आयो लेवण ने
म्हाने अबके बचा ले म्हारी माय
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊ आयो लेवण ने,
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,बटाऊँ आयो लेवण ने।।

हाथ जोड़ कन्या कहवे,
ओ सुन मायड़ म्हारी माय,
अबके बटाऊ ने पाछो भेजो,
फेर जावूंली बा रै साथ,
बटाऊ आयो लेवण ने,
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊ आयो लेवण ने,
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊँ आयो लेवण ने।।

कहवे डोकरी सुण ले पांवणा,
सुण ले म्हारी बात,
म्हारी कन्या भोली भली,
अबके कर दे ग़ुनाह माफ़,
बटाऊ आयो लेवण ने,
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बितटाऊँ आयो लेवण ने।।

कहवे पांवणो सुण ले डोकरी,
सुण ले म्हारी बात,
हुकुम होयो है धरम राज रो,
ढलती कोई मांझल रात,
बटाऊ आयो लेवण ने,
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊँ आयो लेवण ने।।

सावण रा दिन सतरहा गया रे,
आयी नवेली तीज,
खेलण री म्हारे मन मन में रहगी,
संग की सहेल्या रे साथ,
बटाऊ आयो लेवण ने,
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊ आयो लेवण ने,
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊँ आयो लेवण ने।।

मात पिता और कुटुंब कबीलो,
फेरयो सर पर हाथ,
सात भाया री बहन लाड़ली,
कोई ना गया रे बाके साथ,
बटाऊ आयो लेवण ने
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊ आयो लेवण ने,
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊँ आयो लेवण ने।।

कहत कबीर सुणो भाई साधो,
यो सासरिये जाए,
इण सासरिये सबने जाणों,
ले लो गुरु का नाम,
बटाऊ आयो लेवण ने
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊ आयो लेवण ने,
मने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊँ आयो लेवण ने।।

मने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊ आयो लेवण ने
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बटाऊ आयो लेवण ने,
मन्ने अब के बचा ले मेरी माय,
बिटाऊँ आयो लेवण ने।।

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