माँ के चरनों में आके की है दिल से जो अर्जी

माँ के चरनों में आके की है दिल से जो अर्जी
होगी मेरी बिलकुल वो स्वीकार
मेरी माता रानी पे है पूरा भरोसा कभी होगी न मेरी हार।।

माँ चाहे तो विधि की लेखा पल में बदल सकती है
माँ की किरपा से बिगड़ी हुई भी किस्मत बन सकती है
येही कर के भरोसा मैं भी चरणों में आया होगी बिलकुल मेरी वो स्वीकार
मेरी माता रानी पे है पूरा भरोसा कभी होगी न मेरी हार।।

ममता वाली माँ है मेरी लाज मेरी रख लेगी
अष्ट भुजा माँ कोई तो मेरे सिर पे हाथ रख देगी
यही करके भरोसा मैं भी चरणों में आया मेरी मैया करे गी स्वीकार
मेरी माता रानी पे है पूरा भरोसा कभी होगी न मेरी हार।।

This Post Has One Comment

Leave a Reply