मीरा मगन है श्याम भजन में

मीरा मगन है श्याम भजन में
श्याम दरस की आस है मन में
जय श्रीश्याम जय जय जय जय श्री श्याम
देख लूं श्याम को इस जीवन मे
श्याम दरस की आस है मन में
जय श्री श्याम जय जय जय जय श्री श्याम।।

ध्यान लगाएं शृद्धा से निशिदिन
श्याम श्याम रटती जाए पलछिन
हाथ मे लेकर इकतारा ध्याये
कृष्णा को एक एक पल
जग छोड़ा है तेरी लगन में
श्याम दरस की आस है मन में।।

श्याम से जोड़े प्रेममयी धागे
लोभ मोह माया मन से त्यागे
श्याम का सुमिरन लेके सोए
श्याम के बोल से ही है जागे
श्याम का सुमिरन मन मंदिर में
श्याम दरस की आस है मन में।।

रोम रोम में श्याम गए हैं रम
श्याम ही गाये सांसों की सरगम
श्याम भजन में नाचे गाये
दीवानी हो मीरा मगन
श्याम को देखे वो अंसुवन में
श्याम दरस की आस है मन में।।

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