मुख तक लेनदे एक वारी बिहारी वृंदावन वालेया

बिहारी वृंदावन वालेया
मुख तक लेनदे एक वारी
बिहारी वृंदावन वालेया।।

सातो परदा कर वे मुरारी
बिहारी वृंदावन वालेया।।

मुख तक लेनदे एक वारी
बिहारी वृंदावन वालेया।।

अंदर बाहर तेरे भीड़ बेशुमार है
मुश्किल नाल श्यामा आई सद्दी वार वे
आँखे आँखे कर कर तेरी इंतज़ारी
बिहारी वृंदावन वालेया।।

मुख तक लेनदे एक वारी
बिहारी वृंदावन वालेया।।

परदा तो करदेने लोक बेगनिया तो
लाज शरम कभी अपने दीवानिया तो
तू है मर्द नही कोई नारी
बिहारी वृंदावन वालेया।।

मुख तक लेनदे एक वारी
बिहारी वृंदावन वालेया।।

हीरिए वे हीरे वाला मट्ठा तक लेनेडे
सोने मुखड़े दा रस चख लेंदे
तेरे हुसान दे अस्सी हा पुजारी
बिहारी वृंदावन वालिया।।

मुख तक लेनदे एक वारी
बिहारी वृंदावन वालेया।।

सारे ब्राजमंडल ते छाया तेरा नूवर वे
दरश दिखके सानू चाड दे
करा मिन्नता मधूप संसारी
बिहारी वृंदावन वालेया।।

O Bihari Vrindavan Waleya
Mukh Tak Lende Ek Vaari
Bihari Vrindavan Waleya

Satho Parda Kar Ve Murari
Bihari Vrindavan Waleya

Mukh Tak Lende Ek Vaari
Bihari Vrindavan Waleya

Andar Bahar Tere Bheed Beshumar Hai
Mushkil Naal Shyama Aayi Saddi Vaar Ve
Aankhe Aankhe Kar Kar Teri Intzaari
Bihari Vrindavan Waleya

Mukh Tak Lende Ek Vaari
Bihari Vrindavan Waleya

Parda To Kardene Lok Beganiya To
Laaj Sharam Kabhi Apne Deewaniya To
Tu Hai Mard Nahi Koi Naari
Bihari Vrindavan Waleya

Mukh Tak Lende Ek Vaari
Bihari Vrindavan Waleya

Heeriye Ve Heere Wala Mattha Tak Lenede
Sone Mukhde Da Ras Chakh Lende
Tere Husan De Assi Ha Pujari
Bihari Vrindavan Waliya

Mukh Tak Lende Ek Vaari
Bihari Vrindavan Waleya

Saare Brajmandal Te Chhaya Tera Noor Ve
Darash Dikhake Saanu Chad De
Kara Minnata Madhup Sansari
Bihari Vrindavan Waleya

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