मुझे कोई फ़िक्र नहीं अब है शेरोवाली साथ मेरे

मुझे कोई फ़िक्र नहीं अब है शेरोवाली साथ मेरे
कोई समझे या न समझे वो देखती है हालत मेरे

दुनिया की ठोकरों में था तो मैंने माँ को पुकारा
थमा था हाथ मेरा माँ और मुझको था पुचकारा
मेरा हौसला माँ ने बढ़ाया
चली उंगली पकड़ के साथ मेरे
मुझे कोई फ़िक्र नहीं अब है शेरोवाली साथ मेरे

राते थी मेरी गमवाली अब बन गयी वो खुशहाली
ऐसी कृपा की माँ ने अब दिन में मने दीवाली
मेरा रुतबा माँ ने बढ़ाया रखा सर पे हाथ मेरे
मुझे कोई फ़िक्र नहीं अब है शेरोवाली साथ मेरे

जो माँ का नाम है जपते उनके पूरे हो सपने
विश्वाश तू करले दीपक और भाग्य जगा ले अपने
रणजीत दीवाना गाये दुनिया चल देगी साथ मेरे
मुझे कोई फ़िक्र नहीं अब है शेरोवाली साथ मेरे

कोई समझे या न समझे वो देखती है हालत मेरे
मुझे कोई फ़िक्र नहीं अब है शेरोवाली साथ मेरे

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