मुझे तुम याद आते हो कन्हैया याद आते हो

मुझे तुम याद आते हो,
कन्हैया याद आते हो,
मेरी नींदे चुराते हो,
कन्हैया याद आते हो।।

मुझे तुम याद आते हो,
कन्हैया याद आते हो।।

मेरे मन में तुम्ही बास्ते,
सदा हँसते हसाते हो,
मेरी धड़कन में तुम बास्ते,
ये धड़कन तुम चलते हो।।

मुझे तुम याद आते हो,
कन्हैया याद आते हो।।

करू मैं प्रीत तुमसे ही,
मुझे तुम क्यों सताते हो,
तेरे दर्शन का व्रत मेरा,
तो चेहरा क्यों छिपाते हो,
मुझे अपना बनाके,
सँवारे क्यों भूल जाते हो।।

मुझे तुम याद आते हो
कन्हैया याद आते हो।।

मेरी श्रद्धा तुम्ही में है,
तुम्ही तो हो मेरे भगवन,
ना जग में कोई दूजा,
न जग में कोई दूजा है,
दिखे जिसमे अपना पन,

अमित एक साथ तेरा है
मुझे तुम क्यों सताते हो।।

मुझे तुम याद आते हो
कन्हैया याद आते हो।।

मेरे मन में है चंचलता,
उसे सीधा चलाते हो,
मैं भूलो में रहा डूबा,
मुझे तुम्ही बचते हो,
मेरे तुम्ही सहारे हो,
मुझे तुमयाद आते हो,
कन्हैया याद आते हो ।।

मेरी नीदे चुराते हो,
कन्हैया याद आते हो,
मुझे तुमयाद आते हो,
कन्हैया याद आते हो ।।

Leave a Reply