मेरा छोड़ दे दुपट्टा नन्द लाल

मेरा छोड़ दे दुपट्टा  नन्द लाल
सवेरे दही लेके आऊगी॥

ना माने तो मेरी चुनर रखले
ना माने तो मेरी चुनर रखले
या में सितारे जड़े है हज़ार,
सवेरे दही लेके आऊगी।।

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नन्द लाल
सवेरे दही लेके आऊगी॥

ना माने तो मेरा हरवा रख ले,
या में हीरे जड़े है हज़ार,
सवेरे दही लेके आऊगी।।

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नन्द लाल
सवेरे दही लेके आऊगी॥

ना माने तो मेरे कंगन रख ले,
या में मोती जड़े है हज़ार,
सवेरे दही लेके आऊगी।।

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नन्द लाल
सवेरे दही लेके आऊगी॥

ना माने तो मेरे दिल को रख ले,
या में बेठे बिहारी लाल,
सवेरे दही लेके आऊगी।।

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नन्द लाल
सवेरे दही लेके आऊगी॥

सिंगर – डिम्पल भूमि जी।

Leave a Reply