मेरी आस तूँ है माँ विश्वास तूँ है माँ

मेरी आस तूँ है माँ विश्वास तूँ है माँ,
मेरी हर ख़ुशी का अब आगाज़ तूँ है माँ,
दे दे माँ आँचल की छईयाँ मुझे,
ले ले माँ बाहों में अपनी मुझे ।।

ग़म के थपेड़े ये कैसे सहूँ मईया,
एक बार आके माँ तूँ थाम ले बईयाँ,
वर्ना मैं समझूंगा नाराज़ तूँ है माँ,
मेरी हर ख़ुशी का अब आगाज़ तूँ है माँ,
दे दे माँ आँचल की छईयाँ मुझे,
ले ले माँ बाहों में अपनी मुझे ।।

कितनी करूँ कोशिश कोई काम नहीं बनता,
दिल पे लगे ज़ख्मो का माँ दर्द नहीं थमता,
करदे कर्म मुझपे मोहताज़ हूँ मैं माँ,
मेरी हर ख़ुशी का अब आगाज़ तूँ है माँ,
दे दे माँ आँचल की छईयाँ मुझे,
ले ले माँ बाहों में अपनी मुझे।।

किस्मत मेरी मईया क्यों मुझसे रूठ गई,
इसके सँवरने की उम्मीद भी टूट गई ,
कल तक अकेला था पर आज तूँ है माँ ,
मेरी हर ख़ुशी का अब आगाज़ तूँ है माँ,
दे दे माँ आँचल की छईयाँ मुझे,
ले ले माँ बाहों में अपनी मुझे ।।

नईया भंवर में है तुझको पुकारा माँ,
सूझे नहीं रास्ता तुझको निहारा माँ ,
हरी हार नहीं सकता गर साथ तूँ है माँ,
मेरी हर ख़ुशी का अब आगाज़ तूँ है माँ,
दे दे माँ आँचल की छईयाँ मुझे,
ले ले माँ बाहों में अपनी मुझे ।।

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