मेरी कटरे वाली वैष्णो माँ

जय जय माँ जय माँ वैष्णो माँ,
मेरी कटरे वाली वैष्णो माँ,
तेरे दर्शन नूं मैं आवाँगा,
दर्शन दी प्यासी अखियाँ नूं,
दर्शन दी प्यासी अखियाँ नूं,
दाती दा दरश करावांगा,
मेरी कटरे वाली वैष्णो माँ,
तेरे दर्शन नूं मैं आवाँगा।।

दर्शन दी परची लेके,
माँ दे नाम दी मोहर लावावांगा,
खुद नूं बाण गंगा दे विच स्नान करावांगा,
श्रद्धा के नाल हार फुलां दे,
श्रद्धा के नाल हार फुलां दे,
नारियल भेंट चढ़ावांगा,
मेरी कटरे वाली वैष्णो माँ,
तेरे दर्शन नूं मैं आवाँगा।।

चरण पादुका मंदिर सोहणा,
वखरा नूर लगे मन मोहना,
हाथी मत्थे दी ऊँची चढ़ाई,
अरज कवानी दर्शन पवाणा,
सच्चे मन तो उत्ते आवाँगा,
मेरी कटरे वाली वैष्णो माँ,
तेरे दर्शन नूं मैं आवाँगा।।

जग दाती मेरी वैष्णो माँ दी,
भवन दी शान निराली है,
पिंडी रूप विच लक्ष्मी सरस्वती,
नाल बसे महाकाली है,
बसे माँ महाकाली है,
भैरव मंदिर दे दर्शन करके,
यात्रा सफल बनावांगा,
मेरी कटरे वाली वैष्णो माँ,
तेरे दर्शन नूं मैं आवाँगा,
मेरी कटरे वाली वैष्णो माँ,
तेरे दर्शन नूं मैं आवाँगा।।

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